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जंगल में मायूस सा वृक्ष खड़ा है

                
                                                         
                            जंगल में मायूस सा वृक्ष खड़ा है,
                                                                 
                            
हरा भरा रहता हूं मैं जब तक,
पक्षी आसरा ढूंढते और बसेरा करते हैं।
जब पतझड़ का मर्म झेलता हूं मैं,
कोई पक्षी पास मेरे आता नहीं,
सब दूर दूर से बचकर निकल जाते हैं,
थोड़ी देर बैठते हैं और उड़ जाते हैं,
उस वक्त न जाने मुझसे क्यों डरते हैं?
वृक्ष ने अब समझा...,
सब मतलबी और अवसर वादी हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
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4 घंटे पहले

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