जिस दिल ने ठेस पहुंचाई उसे नकार दिया,
जिसने विश्वास तोड़ दिया उसे दुत्कार दिया।
जो दिल को भा गया उसका सत्कार किया,
जिसे दिल से चाहा उसे तन मन वार दिया।।
-चंद्र दत्त शर्मा
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