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आते जाते कभी कभी

                
                                                         
                            आते जाते कभी कभी,
                                                                 
                            
मातृ पितृ शक्तियों से मिल लिया करो।
कम से कम महीने में एक बार,
हो सके तो वृद्धाश्रम जाया करो।
किसी ना किसी रूप में मदद करके,
उन सबका हाथ बटाया करो।
तुम्हारे नहीं तो कोई बात नहीं,
उन आदरणीयों का आशीर्वाद लिया करो।
हिम्मत बंधी रहेगी उन सबकी,
अपनों से बिछड़ने का ग़म कम किया करो।
ऐसा दिन ना आए किसी वृद्ध पर,
कम से कम ऐसी दुआ तो किया करो।
-चंद्र दत्त शर्मा
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49 मिनट पहले

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