अपना देश अपनी पहचान है,
मातृभूमि से निकला वरदान है।
जितना इसे सींचो उतना कम है,
ऐसा करके बढ़ जाता मान है।
-चंद्र दत्त शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X