अनेकों मिलेंगी राह में दीवारें,
उनसे वक्त रहते निबट लेना।
वो राह में रोड़ा बनी रहेंगी,
उनको हिकमत से हटा देना।
निकलोगे जब उन राहों से,
तो मंज़िलें आसान लगेंगी,
वक्त के अजब थपेड़ों से,
सबका पथ आसान बना देना।
-चंद्र दत्त शर्मा
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