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शुभकामना

                
                                                         
                            यह मेरा मानना है
                                                                 
                            
जरूरी हमारे लिए
इंद्रधनुषी रंगों में रंग भरती
तुम्हारी शुभकामना है ।।
तेरी धीमी कदमों की आहट
मंद स्वरचित शब्दों की गुनगुनाहट
प्यार के नवप्रभात की
नवकोंपलो की मधुर संभावना है ।।
दिवाली पर घुमड़ती नवचेतना संग
नववर्ष की उमड़ती पावन तरावट
दिये के लौ की स्वर्णिम जगमगाहट
विहंगम प्रकृति की वरद संयोजना है ।।
है एक चित्र मानस में , उसी में दर बना है
कपोल कल्पनाओं के चित्र लेकर क्युं फना है
नया निर्माण करना नये शिखरों को छुना
कदमताल करने कि झिझक,असत,को छोड़नाहै
यही शुभकामना है , मेरी शुभकामना है।।
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3 वर्ष पहले

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