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ललकारता देश..

                
                                                         
                            हिन्दी हैं, हिन्दोस्तां में
                                                                 
                            
बांटा हमने जहर नहीं है
अल्लारखा रामरखा मे
देखा हमने फेर नहीं है
नहीं किसी पर टेढ़ी नजरें
हमें किसी से बैर नहीं है
बैरी ओ आतंकी सुन ले
अब जो भी विस्फोट करेगा
अब हां उसकी खैर नहीं है
काशी हो कश्मीर हो या फिर
उदयपुर कोलकाता मुंबई दिल्ली
हरकत है नापाक दरिंदों की
छुप बैठे बन भीगी बिल्ली
नामर्दों पहचान बताना
निर्दोषों का खुन यही चित्कार रहा है
भगतसिंह और राजगुरु का
अशफ़ाकउल्ला और आजाद का
देश तुम्हें ललकार रहा है ।।

-----ओम बजाज
 
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3 वर्ष पहले

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