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मोहब्बत शायरी

                
                                                         
                            तुम आए ज़िंदगी में, दीये जल गए हैं।
                                                                 
                            
जीवन की बगिया में फूल खिल गए हैं।
खुदाया अब नहीं रहा तुझसे गिला कोई।
दिल से दिल 'ओम' अब मिल गए हैं।।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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