एक लड़का
जो गुस्से में भैरव सा..
जो प्रेम में भोला सा..
जो मुस्कुराता है कृष्ण सा..
जो शब्दों में अपने लिए नफरत ,गुस्सा और तिरस्कार ..
पर दिल में बसा कर प्यार दुआ और फिक्र।
एक लड़का जो सबका है..
पर उसका हो पाना असंभव सा ।
आया एक दिन मेरे हिस्से में भी..
भरकर बाहों में मुझे लगा सीने से और चूम कर मेरा माथा कह गया..
तेरे हिस्से का जितना हूं उतना मैं रहूंगा सदा।
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