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खुले गगन में वायु की तरह बहता रिश्ता

                
                                                         
                            नहीं अगर उसे भी तुमसे प्यार, तो उसे जाने दो
                                                                 
                            
रिश्ते में है असहजता निराधार, तो उसे जाने दो

ये चलचित्र में हो तब ही मन मोह पाती है,
असल में भी हो वो अदाकार, तो उसे जाने दो

बातें, नयन, अश्रु  और पैदल चलना भी है प्रेम,
केवल स्पर्श ही है व्यवहार, तो उसे जाने दो

बनाए पथ पर नहीं, पथ बनाकर बहना है तुम्हें,
है तुम्हारी स्वतंत्रता से इनकार, तो उसे जाने दो

किरणों पर सूरज का, खुशबू पर फूलों का जिस तरह,
नहीं उस पर तुम्हारा अधिकार, तो उसे जाने दो

मूल्य से आकलन नहीं मेरी पसंदीदा चीजों का,
है उसके लिए ये एक व्यापार, तो उसे जाने दो

खुले गगन में वायु की तरह बहता रिश्ता,
नहीं उसका कोई ठोस आधार, तो उसे जाने दो

अभी भी समय है अपने प्राण बचाने का, निशांत,
नहीं किया अब तक मोहब्बत का इज़हार, तो उसे जाने दो
 
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23 मिनट पहले

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