मुस्कुराहट से गम इश्क बेपनाह करता है।
मुस्कुराहट के सामने गम यूँ ही मर मिटता है।।
मुस्कुराहट का तो गम दीवाना हुआ करता है।
मुस्कुराहट के वो तो आगोश में समा जाता है।।
पर मुस्कुराहट भी बड़ी बेवफा होती है।
गम के साथ वह कभी वफ़ा नहीं करती है।।
मुस्कुराहट कभी गम से प्यार नहीं करती है।
मुस्कुराहट तो गम का अस्तित्व ही मिटा देती है।।
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