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गुरु को शत-शत नमन

                
                                                         
                            गुरु शब्द है महिमाशाली,
                                                                 
                            
गुरु शब्द है गरिमाशाली।

गुरु शब्द लगता है छोटा,
पर अर्थ इसका बड़ा ही मोटा।

'गु' अंधकार तो 'रु' प्रकाश है,
गुरु हरता अंधकार करता प्रकाश है।

गुरु भटके को सही राह दिखाता,
उचित अनुचित का भान कराता।

गुरु मन का अहंकार मिटाता,
जीवन का दर्शन बतलाता।

गुरुजी जीवन का एक वरदान है,
अज्ञान मिटा, देता सद्ज्ञान है।

ईश्वर जब जब धरा पर जन्मा,
गुरु से सीखा जीवन जीना।

मानो तो गुरु ईश्वर से भी बड़ा है,
गुरु ने ही तो ईश्वर से जोड़ा है।

जैसे चंद्र अंधकार मिटाता,
जैसे सूरज प्रकाश फैलाता।

वैसे गुरु भी अंधकार मिटाता,
सबके जीवन में प्रकाश लाता।

गुरु बिना न सच्चा ज्ञान,
गुरु का सदा करना सम्मान।

गुरु ज्ञान का महासागर है,
जीवन का करता उद्धार है।

गुरु से धन्य हुआ मानुष जनम,
गुरु को करना शत शत नमन।
 
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4 वर्ष पहले

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