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सुनो ना

                
                                                         
                            सुनो ना
                                                                 
                            

एक चाह है हमारी
इस बरसात के बाद
बनारस ले जाना कभी।

जीते जी एक झलक देख लूं
दशाश्वामेध घाट पर गंगा आरती
देख लूं।

मणिकर्णिका नाम दिया है।
आपने जहां रोज हजारों को
मोक्ष मुक्ति मिलती है।
उस पूजनीय स्थल
मणिकर्णिका घाट के
दर्शन कर लूं।

और जब थक जाऊं
तो अस्सी घाट पर
तुम्हारे साथ बैठ अदरक
वाली चाय का मजा लूं।

- निर्मला सिन्हा निशा 
छत्तीसगढ़
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एक वर्ष पहले

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