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देखना तुमको एक बार है

                
                                                         
                            सोचा उससे एक बार मिल लूँ
                                                                 
                            
मिलकर हाल-ए-दर्द बयां कर दूँ।

तबियत कुछ खराब है। देखना
तुमको एक बार है।

खामोश लफ्जों में आ रहे प्राण है,
करना तुमसे एतबार-ए-खास है।

कह सब रहे है। बड़े नाजुक हो गए है,
मिलकर बाहों में तुम्हारे तब्दील होना है।

सोच रहे है। तुमसे एक बार मिल लूँ ,
तपते रेगिस्तान को हरा-भरा उपवन कर लूँ।
-निर्मला सिन्हा निशा 
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एक वर्ष पहले

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