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न जाने कहाँ खो गया ।

                
                                                         
                            रास्ते में चलते हुए
                                                                 
                            
गम से मुलाकात हो गई,
बीती - पुरानी यादें
फिर से ताजा हो गई ।

बिना किसी स्वार्थ के
एक - दूसरे का साथ था,
आँखों से ओझल फिर भी
ख्वाबों में पास था ।

ख्यालों में डूबती गई
वक्त गुजरता गया,
गमों की बारिश
रूह को भिगोता गया ।

आँखों में नमी
दिल भर आया,
जो सिर्फ मेरा था
न जाने कहाँ खो गया ।
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एक घंटा पहले

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