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छोड़ दूंगी इस जग के सारे झूठे रिश्ते

                
                                                         
                            थक गई रोज मरते मरते मुझे भी वो
                                                                 
                            
एक दिन जीना हैजब कोई मेरे नखरे
उठाए अपने हाथों नहलाए नए कपड़े
पहना कर मुझे सजाए।

फिर फूलों की सेज सजाए
अपने हाथों से लिटाए फिर चार लोग
मुझे काँधे का झूला झूलते हुए
मुझे मेरी मंजिल तक पहुंचाए।

ओर हर कोई मेरी बुराई में भी
अच्छाई ढूंढ के मेरे लिए रोए
उस दिन अब सच होगा
राम नाम सत्य का सही अर्थ समझूंगी।

छोड़ दूंगी इस जग के सारे झूठे रिश्ते
वो एक दिन सच्चा होगा अच्छा होगा
मुझे भी वो एक दिन जीना है।

 
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6 घंटे पहले

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