के इश्क का खुमार कैसा है
ना जाने तुमसे प्यार कैसा है
तेरे पीछे चले है आँखें मूंद कर
मत पूछों के ऐतबार कैसा है
हम किया बताए मेरे हमदम
बेक़रार दिल में करार कैसा है
हर वक्त हम तुम्हे ही देखते है
अब कैसे बताए बाज़ार कैसा है
हम से दूर जाकर मत पूंछा करो
सांसे बिना ये संसार कैसा है
-नीटू मावी
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