आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ये ज्ञान का सम्मान का महालय है

                
                                                         
                            ये ज्ञान का सम्मान का महालय है
                                                                 
                            
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
ये गीत का संगीत का मुख्यालय है
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है

अंतरा
शिक्षा यहां है प्रकृति की कक्षा यहां
गुरुओं का मान विद्यार्थी की दीक्षा यहां
यहां पोथी और ग्रंथों का पुस्तकालय है
मुखड़ा
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
ये गीत का संगीत का मुख्यालय है
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
अंतरा
यहां गुरु को मिला है शिष्य नया
छात्र को दिया है भविष्य नया
ये ज़िला गाजियाबाद का हिमालय है
मुखड़ा
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
ये गीत का संगीत का मुख्यालय है
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
अंतरा
कोई छोटा ना कोई बड़ा ना सब एक है
शिक्षा के मंदिर में प्रतिभाएं अनेक है
है रोजगारों का सावन यहां
यहीं तो सारा मेघालय है
मुखड़ा
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
ये गीत का संगीत का मुख्यालय है
यही तो सुंदर दीप विश्वविद्यालय है
-नीटू मावी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक दिन पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर