जो जीवन को महका दे ऐसा इत्र कहां मिलेगा
साथ निभा दे यारी में ऐसा मित्र कहां मिलेगा
सुंदरता तो काफी देखी है तस्वीरों में मावी
उतर जाए जो ज़हन में ऐसा चित्र कहां मिलेगा
बिक सकती है सारी कायनात दौलत के आगे
जिसे खरीद ना पाया कोई ऐसा चरित्र कहां मिलेगा
तिलक लगाने वाले भक्त तो बहुत है महाकाल के
जो बात कर दे ईश्वर से ऐसा पवित्र कहां मिलेगा
-नीटू मावी
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