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कुछ बेच भी रहा है या ग्राहकों को चीट करता है।

                
                                                         
                            कुछ ना करके भी लक्ष्य को तो कंप्लीट करता है ।
                                                                 
                            
मौतों पर, संवेदना की चाचनी से ट्वीट करता है ।
जख्मो से बड़ी ज़ख्मों की नुमाइश होने लगी है,
कोई है जो सड़कों पे खडी ऐसी टूलकिट करता है।
तिलचट्टों ने पुनर्जीवित कर डाली है इकोसिस्टम,
निजाम को तलाश उस'हिट'की जो हिट करता है।
फ़रेब फ़रोश दुकानदार और ये बे-सामान मजमा,
कुछ बेच भी रहा है या ग्राहकों को चीट करता है।
-जयंत दिक्षित
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52 minutes ago

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