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दो छोटी ग़ज़लें।

                
                                                         
                            ईरान,इराक अफगान,सीरिया हो या लीबिया ।
                                                                 
                            
तुमने इन्हें छुआ और 'नोबल पीस' कर दिया।
हुज़ूर ज़रा सब्र से अपनी टिप्पणी करिए आप,
पहले कॉकरोच बढ़े,अब बढ़ न जाये मक्खियां
सियासत मे कुछ चेहरों चमकाती है,ब-इरादा,
सियासत मे खेल का मास्टर माइंड है मिडिया।
पृथ्वीराज आज तक दगाबाजों से उबरा नही,
जयचंदों के नाम अब भी जल रहा कोई दिया।
-जयंत दिक्षित

 
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34 मिनट पहले

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