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बेवकूफ़ बना रहे सारे मिलकर।

                
                                                         
                            मानता है वो खुद को एक सुपर पावर।
                                                                 
                            
छोड़ो ,उसे तो न होश है,न कोई खबर l
पाँव के छाले ने होठ के प्याले से कहा,
फुट गया तो,निकल पड़ेगा जंतर मंतर।
तुम जिसकी तलाश में चलते रहे ताउम्र,
वो खुद भटक रहा,जिंदगी की राहों पर।
उनका ये दावा कि हालात बदले है यहां,
तुम गालीया दो, मेरा गवाह,जमीनी स्तर।
दुष्यंत की जुबां नहीं,मगर है पीड़ा सघन,
ये, या वो,बेवकूफ़ बना रहे सारे मिलकर।
 
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एक घंटा पहले

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