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गीत

                
                                                         
                            अभी अभी तो दुल्हन बनी है।
                                                                 
                            
थोड़ा इसको शरमाने दो।।
अभी अभी इक कली खिली है।
थोड़ा इसको इतराने दो।
अल्हण लहरो के संग इसको।
थोड़ा सा इठलाने दो।।
डाली के फूलों संग -संग में ।
थोड़ा इसको लहराने दो।
गगन कालिमा के बढ़ने में।
थोड़ा इसको लहराने दो।।
यदु के गीतों के सरगम में ।
सब को थोड़ा खो जाने दो ।

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7 वर्ष पहले

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