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वर्षा ही जल स्त्रोत को पूर्ण भरती है

                
                                                         
                            वर्षा क्या है?
                                                                 
                            
वर्षा हमारे मन को मोह लेती है,
किसानो की फसल को सींच देती है,
मेढको को खींच लेती है,
पेड़ों पर फूल देती है।

वर्षा क्या है?
वर्षा ही है जो मोर को नृत्य सिखलाती है,
पपीहो को गवाती है,
बच्चों को लुभाती है,
उन्हें मस्ती सिखलाती हैं।

वर्षा क्या है?
वर्षा वह है जो अपने साथ बिजली लाती है,
बादलों से नगाड़े बजवाती है,
हमें डरा के जाती है,
हरियाली फैला के जाती है।

वर्षा क्या है?
वर्षा ही जल स्त्रोत को पूर्ण भरती है,
हमें पानी पिलाती है,
हमारी प्यास मिटाती है,
सबको खुश कर के जाती है।
-विभूति नारायण पाठक
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एक घंटा पहले

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