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मजबूरी है मजदूरी

                
                                                         
                            पेट पालने के लिए
                                                                 
                            
घर चलाने के लिए
पैसा कमाने के लिए
मजबूरी है मजदूरी ।

जीवन चलाने के लिए
परिवार को हसाने के लिए
कस्ट से मुक्त होने के लिए
मजबूरी है मजदूरी।

समाज मे रहने के लिए
जीवन व्यापन के लिए
अपनो की आशा के लिए
मजबूरी है मजदूरी।
मजबूरी है मजदूरी।।

- विभूति नारायण पाठक
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57 मिनट पहले

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