रुके बग़ैर निरन्तर किए गए प्रयास
गैर -मामूली बदलाव लेकर आते हैं!
कोशिश लाज़िम है जतन किएबिना
इस जग में हम कुछभी नहीं पाते हैं!
-एन. आर. कस्वाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X