सूरज को छू लो समंदर में उतर जाओ
खुदको जानो अपने अंदर में उतर जाओ
-एन. आर. कस्वाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X