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                            आपको कोई हक़ और इख़्तियार नहीं के आप इसकी तौहीन करें
                                                                 
                            
येह ज़िन्दगी जैसी भी है आपकी है इसकी क़दर और तहसीन करें
-एन. आर. कस्वाँ
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एक घंटा पहले

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