इक गैरतमन्द इन्सान को पाने की कोशिश तो यहाँ सभी की होती है
पर गैरतमंद इन्सान बनजाने की कोशिश शायद ही किसीकी होती है
-एन. आर. कस्वाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X