युध्द करना आवश्यक नहीं है
अपने अस्तित्व को बचाने के लिए आवश्यक है
पर अपनी प्रभुता को बढ़ाने हेतु विस्तार चाहतें तो युध्द आवश्यक नहीं है
सबसे बड़ी सिध्दांत को अपनाना चाहिए
"जियो और जीने दो "
विस्तार से आपकी बादशाहत बढ़ाने से युध्द आवश्यक है
पर इस विश्व में शांति और मानवता बचाने के लिए
तानाशाही नीति को त्यागना आवश्यक है
और महत्वपूर्ण नीति " जियो और जीने दो "
आवश्यक रुप से अपनाकर विश्व को शांतिपूर्ण बनाएं
युध्द हमेशा ही अनावश्यक रही है
इतिहास गवाह हैं कि चाहे हो हिटलर या हो नेपोलियन
विश्व विजय की आंकाक्षा को धूल-धूसरित किएं हैं पर उनकी विश्व विजेयता न बन पाए
पर वे सब लोग प्रकृतिक अथवा युध्द में मारे गए
कोई भी विश्व के मनुष्यों को क्षति पहुंचा कर
अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचा
यह संदेश जाता है कि विध्वंसक कभी शिखर तक नहीं पहुंचा
विश्व के शान्तिपूर्ण बनाने के लिए
"जियो और जीने दो "
युध्द हमेशा ही अनावश्यक रही है
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X