आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

विनाश के कागार पर विश्व

                
                                                         
                            विनाश के कागार पर विश्व
                                                                 
                            
पश्चिमी क्षेत्र युध्द की घनघोर घटा छाई है
क्या यह विश्व-युद्ध की ओर ले जाने वाली परछाई है
ईरान में छा गई घनघोर काली बादल
दिन और रात का पता नहीं चल रहा है
इनके बड़े -बड़े नेता- सैन्य अधिकारी
हर दिन मारे जा रहें हैं ,
बेफिक्र ईरान सरेंडर को नहीं तैयार
अमेरिकी आका का टृंप का उल्टा पड़ गया कार्ड
अब युध्द न हौगी शार्ट
न ईरान युध्द रोकने को तैयार टृंप
बहुत सी आशा धूमिल हो गई
ईरान कर देगा सरेंडर
टृंप का विश्व हो गई भद्द
अब क्या करेगा ?
टृंप का शांति पुरस्कार हो गया रद्द
विश्व को शांति चाहिए
सब तरफ हो अमन-चैन
वैसा ही वातावरण चाहिए
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर