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सूर्य देव नाराज है॔

                
                                                         
                            प्रातःकाल जब सूर्य देव लालिमा लिए उदय होते थे
                                                                 
                            
चाहे कोई भी मौसम में इतना आकर्षक होते थे
लोग सूर्योदय और सूर्यास्त देखने प्रसिद्ध जगह में जाते हैं
कवि अपने कविताओं और लेखकअपनी लेख, कहानियों ,उपन्यास बिना सूर्य देव के उल्लेख पूर्ण नहीं होते हैं
हम सूर्य देव की पूजा-पाठ करते हैं, पर उन्हे हो क्या है
इतनी प्रचंड गर्मी विगत कई विगत वर्षों नहीं पड़ी है
भारत जैसे देशों छोड़कर देखिए पूर्व के देशों में
कड़ाके की ठंड पड़ती थी अब वहां गर्मी पड़ी है
यह क्या हो गया भास्कर देव इतना कूपित क्यों हैं ?
सूर्य देव ने जबाव दिया कि जंगल को आप लोग
पूरी तरह सफाया करने में कोई कोर -कसर न छोड़ रहे हैं
मेरी प्रचण्डता अभी देखे कहां हो, संभल जाओ
जंगल मत काटो, वृक्ष लगाओ , नदियों दूषित मत करो
वरना मेरी प्रचण्ड, प्रखर किरणों से खाक-खाक हो जाओगे
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2 महीने पहले

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