हिन्दी साहित्य के प्रति मतवाला हूं
हिन्दी के कविता, कहानी, उपन्यास इत्यादि
को पढ़ना और लिखना मेरी पसंद है
मैं मतवाला हूं,
सुबह हिन्दी समाचार पत्र से दिन की शुरुवात
होती है
चाय के साथ पहले देश का समाचार
बाद में प्रदेश का समाचार
उसके बाद अंतराष्ट्रीय समाचार
अंत में अपने शहर, गांव, मुहल्ले का
सामाचार बहुत ध्यान से पढ़ता हूं
क्योंकि इन समाचारों हमारे बुजुर्ग मंडली
समालोचना और आलोचना बहुत गंभीर स्तर में होता है
बुजुर्ग मंडली की अपनी-अपनी स्तर पर तैयार होता है
चाय के गुमटी चाय का का आदेश दे दिए जातें हैं
समाचार छपा था कि मुहल्ले के एक रईस खानदान
का,लड़का मुहल्ले के गरीब घर सुंदर लड़की को
भगा कर ले गया
इस पर बहस प्रारंभ हुई, सब अपना-अपना पक्ष रखे
बहस का नतिजा कुछ भी हो
चाय की दौर चला
इस प्रपंच से दूर
मैं अपने हिन्दी का अध्ययन करता हूं
थोड़ा-बहुत लिखता भी हूं
छोटी- मोटी समाचार पत्र या पत्रिका में
छपती रहती है
कुछ लिखने के लिए ज्ञान आवश्यक है
ज्ञान किताबों में ही मिलेगी
इसलिए पढ़ना आवश्यक है
इसलिए मतवाला हूं पढाई-लिखाई का
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