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कितना बदल गया इन्सान

                
                                                         
                            क्या हो रहा लोगों को,
                                                                 
                            
चांद न बदला सूरज न बदला
कितना बदल गया इन्सान
मर्यादापुरुषोत्तम राम के मंदिर में चोरी
माया ऑर मोह ने बदल दिया इन्सान
भारत हमारा देश की आन बान शान
बेच दिया अपनी सब कुछ थोड़े पैसों के लिए
मंदिर की राशि, रत्न, गबन किया शान से
उन्होंनें सिर्फ चोरी नहीं की गई है
खिलवाड किया है हमारे आन बान शान से
क्या उनको खाने के बांदे थे ?
क्या राम मंदिर से वेतन नहीं मिलते थे ?
इन्सानियत अब रही, बदल गया इन्सान
सूरज न बदला, चांद न बदला
अब बदल गया इन्सान
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2 महीने पहले

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