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इन्तजार

                
                                                         
                            मैं इन्तजार में जी रहा हूं कि वो लौट आएगी
                                                                 
                            
बेरहम कभी लौट के नहीं आते
जानते हुए भी वो बेरहम है
पर मोहब्बत बेशुमार है उससे
खुदा की इनायत है कि वो लौट आएगी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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