होली भारत का मुख्य त्यौहार
रंग और भंग के बिना संभव नहीं
रंग और गुलाल कर दे गोरी गाल लाल
स-र-र-र होली है
नगाडों की ताल और फाग की राग
कर दे होली की टोली
हो जाए सव मस्त
उस पर भांग की गोली
रंग का शरुर
नशेड़ी हो जाए मस्त
सर-र-र-र होली है
न गरीब न अमीर
न बास न कर्मचारी
सब सामान होते हैं
कोई भेदभाव नहीं जात-पात का
ये त्यौहार समाजवाद स्वरुप है
रंग और भंग बिना नहीं संभव
हर होली गोरी गाल
होतें हैं लाला जरुर
इसमे शामिल है शरुर
सर-र-र-र होली है
- भागवत प्रसाद नायक
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