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अस्थिरता

                
                                                         
                            अस्थिरता कहीं भी हो, मंजिल तक पहुँचना कठिन है
                                                                 
                            
मनुष्य का मन बहुत चंचल होता है, इसे वश करना कठिन है
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवक-युवतियां
परीक्षा को अच्छे अंकों या श्रेणी प्राप्त करने के लिए
छात्र-छात्राएं की तैयारी अपने स्तर मे भरपूर रहता है
उम्र का तकाजा ,मन भी वैसे भी च॓चल भटकता रहता है
ऐसे उम्र मे यौवन का उग्र नशा मन में छाया रहता है
माता-पिता, अभिवाहक को उनकी सुरक्षा सजग रहना पड़ता है
वयस्क, बुध्दिमान, विचारशील मनुष्य का मन भटक जाता है
वैसे में यौवन के दहलीज खड़े युवक-युवतियों मन का भटकना स्वाभाविक है
ऐसे समय में भाता-पिता अभिवाहक को दखल दे कर समझाईस आवश्यक है, पर जोर-जबरजस्ती अनावश्यक है
अस्थिर मन चंचल ही रहेगा, इसमें जोर-जबरदस्ती अनावश्यक है
स्थिरता के लिए योग और ध्यान की ओर बढना आवश्यक है
-भागवत प्रसाद नायक
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3 महीने पहले

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