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शीर्षक - एक सच

                
                                                         
                            एक सच तुमने शब्दों में लिखा हैं।
                                                                 
                            
पुनर्जन्म का नाम भी होता हैं।

कहानी कविता गीत शब्द होते हैं।
दिल और मन को सहयोग करते हैं।

शायद अपने मन को भाते हैं।
जिंदगी और जीवन में सच छुपाते हैं।

प्रेरणा और हम एक-दूसरे के होते हैं।
बस मानव जीवन एक पल होता हैं।

मन भाव और रूप ही न सबकुछ होता हैं।
हर दिन हर पल सब नया सवेरा कहता है।

सच और झूठ फरेब मन होता हैं।
हम अपनी सोच लेखक बन कहते हैं।
-नीरज कुमार अग्रवाल 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 घंटे पहले

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