प्यारे भारत का सूर्य अटल
भारत का मान बढ़ाता है
भूलेगी उसको क्या धरती
जिसे रंग तिरंगा भाता है
जन जन के मन मे खिला कमल
भगवा परचम लहराता है
जहां अटल साधना करें अटल
माटी पर शीश झुकाता है
गरिमा ने जिसकी जग में
उद्घोष भरा जय गान किया
भारत परमाणु शक्ति को
विश्व पटल पर मान दिया
भारत और पाक मिलाने में
जिसने यारी का हाथ दिया
दिल्ली, लाहौर बस सेवा का
गलबईयों से सत्कार किया
करगिल में जीत दिलाकर के
भारत का सीना तान दिया
जहां वीर शहीदों ने, सीमा पर
अपनी धडकन को वर दिया
चतुर्भुज स्वर्णिम योजना से
जोड़ा भारत का हर कोना
राहों से राहों को जोड़ा
नव जीवन को संचार दिया
उन्मुक्त हुआ कावेरी जल
आयोग से नीतियों का गठन किया
नव राहों से जीवन को जोड़ा
और विमानों को आकाश दिया
नई तकनीकी विद्युतीकरण से
नई भोर का बिगुल बजने लगा
दूरसंचार ने गति पकड़ी
और नए रोजगार ने सपना देखा
बीमा योजना के अंकुर उपजा
प्रवासी भारत को दी उड़ान
सीलिंग एक्ट से दी निजात
आवास निर्माण के बढ़ा कदम
टेलीकॉम नीति से कोंकण रेलवे को दिया जनम
अटल तुम्हारी नीति ने, विदेश नीति को
नई दिशाओं से जोड़ दिया
एकीकरण के गलियारों में
राष्ट्रीयता को मोड़ दिया
बनकर प्रधानमंत्री तुमने
माटी को कण कण सौप दिया
साहित्य रचा तुमने ऐसा
नई भोर को अर्पण सौंप दिया
जहां धर्म, अर्थ और काम, मोक्ष
सब मातृभूमि पर वार दिया
ऐसा सपूत वो अटल अलख
उस मां ने मां पर वार दिया।
शत-शत वंदन करता है हर मन
इस देश की माटी पर मर कर
पुरुषार्थ भरा जय गान किया
अमृत्व भरा वरदान दिया।
-मुक्ता मिश्रा
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