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मोहिनी गुप्ता - (हास्य) एक दिन के लिए अगर बन जाऊं

                
                                                         
                            मोहिनी गुप्ता,हास्य -एक दिन के लिए अगर बन जाऊं 
                                                                 
                            

एक दिन के लिए अगर बन जाऊं #हास्य_परी
मिल जाए कोई अदृश्य शक्ति
नाम रखूँ "4G हास्य "
मिटा दूँ सबके दिलों से नफरतें
जो आए किसी के मन में दुर्भावना
हो जाए जागृत स्वत: मन की शक्ति

जो चलाऊं अपना हास्य शस्त्र
हँस हँस कर हो जाए घायल
हो दौर ख़त्म साजिशों का
दिखे चेहरे दिखावे के तो
दूँ दिन भर लिखने को हास्य फिर
एक के बाद एक बार - बार
जैसे देते थे मास्टर जी
कभी बचपन में मुझे

हो प्रेम , सौहार्द , विश्वास एक दूजे पर
बेहद अनमोल मिला मानव जीवन
उस ईश्वर की अनुपम कृति

- मोहिनी गुप्ता मध्य प्रदेश
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2 वर्ष पहले

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