मानव मन का वह निर्माता
जगत विधाता ग्यान प्रदाता
स्वर्ग लोक की सैर कराता
विश्व का वह भाग्य विधाता
आदि अनंत की वैतरिणी से
मानव मन पर शोध कराता
स्वच्छ सुगंधित धरा हो अपनी
मानव को यह बोध कराता
मानव सेवा प्रभु की सेवा
अर्थ पूर्ण यह बोध कराता
जन्म मरण से मुक्ति देता
विश्व विधाता जगत निर्माता
शून्य से सिरमौर बनाता
ख्याति जगत मे वही दिलाता
मानव को सदबुद्धि देकर
विश्व मे उदघोष कराता
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