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थोड़ी सी समझ देना

                
                                                         
                            ईमान की दौलत हमें
                                                                 
                            
रब बार बार देना
कदम ना डगमगाये मेरे
वो ऐतबार देना
मेहनत की ज़िन्दगी हमें
रब बार बार देना
मुश्किल को जीत लेने का
हर हौसला देना
इंसान की मदद कर पाऊं
ऐसी तबीयत भी देना
हर तरह के हैं लोग यहाँ
अच्छों की परख देना
नेक लोगों को जानने की
थोड़ी सी समझ देना

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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5 वर्ष पहले

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