तू बन्दी एकदम फर्जी है
तेरी मर्जी एक खुदगर्जी है
तेरे हाथ नहीं लगने वाला
मैं बन्दा पूरा जरसी हूँ
तू बात मेरी ये माण ले
दूर निकल मेरे पास से
जो करना हो वो करले तू
नहीं डरता किसी के बाप से
मैं बन्दा पूरा देशी हूँ
मेहनत से सब काम करूँ
प्यार श्यार क्या होता हैं
बस अपनो का मैं ध्यान धरूँ
मेरी तू बुराई ना कर
रखले अपना तू ख्याल
जीते जी कुछ मेहनत कर ले
हो जायेगी माला माल
मेहनत से ही रब मिलता है
सारा सुख और दुख मिलता है
रब के बिन मर्जी के यहां
पत्ता यारा कब हिलता है
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