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सुन्दर पत्नी की चाहत में

                
                                                         
                            सुन्दर पत्नी की चाहत में
                                                                 
                            
काम धाम सब भूल गया
अपना कौन पराया कौन
दुख दर्द ज़ताना भूल गया

हालत बहुत बुरी है मेरी
राजे बय़ां मैँ किस्से करूँ
सबको बस अपनी ही पडी है
ये देख मेरा दिल झूल गया

हर सुन्दर सी कन्या मे
उम्मीद दिखायी देती है
धड़कन को मनमोहक सी
संगीत सुनायी देती है

स्वर्ग लोक मे बसने का
बहुत करे है मन मेरा
सुन्दर सी एक काया से
मैँ अपना संजोग करूँ

काले जुल्फो के साये मे
मैँ ड़ूब मरूँ दिल कहता है
झील सी प्यारी आँखों मे
मैँ सैर करूँ दिल कहता है

हे ईश्वर कुछ ध्यान धरो
ये दिल मेरा बस एक ही है
सुन्दर देवी की इच्छा का
मन मार्ग मेरा परिपूर्ण करो

हे ईश्वर तुम ही बस जानो
मन के मेरे कौतुहल को
एक अदद सी ममता से
जीवन मेरा संपूर्ण करो

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4 वर्ष पहले

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