सुबह सुबह उठ जाता हूँ
घर मे शोर मचाता हूँ
सब लोगों की नींद उड़ा कर
जल्दी से सो जाता हूँ
पापा का हूँ मैं तो लाडला
प्यार मैं उनका पाता हूँ
मम्मी जब भी दूध पिलाये
नखरे खूब दिखाता हूँ
घर मे जब मेरा मन नहीं लगता
खूब मैं चिचियाता हूँ
बाहर से जब घुम के आऊँ
खुश बड़ा हो जाता हूँ
प्यार से सबको पुच्ची देकर
नन्हा अरहम बन जाता हूँ
नन्हीं नन्हीं शैतानी से
घर में प्यारा बन जाता हूँ
घर में सबका मन रमता है
मेरी एक मुस्कान से
घर में मैं अपनी मम्मी के
काम में हाथ बंटाता हूँ
नाना नानी प्यार करे
खाला मामू ध्यान रखे
सब मुझको गोदी में लेकर
प्यार की शुरुआत करें
मम्मी जब भी गुस्सा करती
मैं हंस के ही बहलाता हूँ
सबको प्यार का मरहम देकर
बाबू अरहम बन जाता हूँ
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