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सोचो और आगे बढ़ जाओ

                
                                                         
                            सोचो और आगे बढ़ जाओ
                                                                 
                            
मन लगा हर काम निभाओ
मेहनत की भट्टी मे खुद को
खूब तपा कुन्दन बन जाओ

खुद पहचानो अंतर्मन को
अपनी एक पहचान बनाओ
अन्तर्मन की ज्योति जगा कर
खुद का एक स्थान बनाओ

मेहनत का कोई तोड़ नहीं है
जोश भरे वह काम करो तुम
रोज सुबह तुम मात पिता का
वन्दन कर तुम काम पर जाओ
 
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4 वर्ष पहले

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