रुस्वा हुआ हूँ मैं खूब
तकलीफ मे रहा हूँ
धोखों के बीच मे मैं
सच के लिये लडा हूँ
आँखों से आंसुओं के
मोती निकल पड़े हैं
अपनो का यूँ बदलना
तकलीफ दे रहे हैं
जिनको गले लगाया
दिल मे ज़िसे बिठाया
वो ऐसे बदल गये हैं
पहचानते नही हैं
सब खो दिया हैं मैने
पाने को कुछ नहीं हैं
अब पास मेरे आने का
तुमको तो हक़ नहीं है
मैं हार गया सब कुछ
पर हौसला ना हारा
जीता था मैं तो मर कर
पर मौत ने ना मारा
मैं टूट कर बिखर कर
मजबूत हो गया हूँ
अब अपनी ज़िन्दगी का
यमदूत बन गया हूँ
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