पिता है तो बरकरार उम्मीदें हैं
पिता है तो फरमाइशे हैं
पिता है तो ख्वाहिंशे हैं
पिता है तो कुछ नाम बनाने की ललक है
पिता सपनों का अथाह समुद्र है
पिता हैं तो जीवन आसान होता है
पिता बच्चों के लिये भगवान होता है
पिता हैं तो मेरी हर सोच का अच्छा परिणाम होता है
पिता हैं तो बच्चों के सपने हैं
पिता हैं तो रिश्तेदारी के लोग अपने हैं
उपर से कठोर अंदर से मुलायम प्रतीत होने वाले
पिता परिवार को एक सुत्र मे पिरोने वाले ईश्वर हैं
पिता हैं तो बच्चों की मनमोहक शरारतें हैं
पिता दर्पन, हिम्मत और जीवन की जरूरतें हैं
पिता धरातल पर मौजूद बच्चों के जीवित ईश्वर हैं
पिता बच्चों के मन को पढ़ने वाले त्रिकालदर्शी है
पिता की दुआयें ही बच्चों के लिये रहमत है
पिता की सेवा ही बच्चों के लिये जन्नत है
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
कमेंट
कमेंट X