मधुरम-मधुरम कहते-कहते
मदिरा लियो लगाय
पाप पाप करते कलयुग में
पुन्य का भागी झट बन जाये
नेता पूरा झूठ पिटारा
कहता सब कुछ करता ना कुछ
मीठी मीठी गोली देकर
अपना काम सफल कर जाये
ऐसा कलयुग है ये बच्चा
जो झूठा है वो निकले सच्चा
मानुस मे अब मर्म कहाँ है
जांत पाँत है सच धर्म कहाँ है
जो ज़ितना पापी है जग में
जन्म सफल उसका कहलाय
सब माया है मनमोहक मुद्रा
ज़िसका हो वो ज्ञान पिलाय
आज के युग की यही है विद्या
बांटो कम भोकाल दिखाओ
उसका साथ कभी ना छोड़ो
धन बल जिसके पास समाय।
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