कुछ तो बता ऐ पागल मन
क्या करना है क्या सहना है
जीवन के सफर मे सच के संग
कब तक हम सबको रहना है
जब जीवन मे झंझट सा हो
तो प्यार भला किससे होगा
जब बच्चे ही खुद दूर रहें
फिर जीवन का क्या करना है
बस माँ का आँचल साथ रहे
उनके प्यार का आभास रहे
कदम कदम पर डांट प्यार के
मिलने का सौभाग्य रहे
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